अर्थ स्टेशन एंटीना का आकार गेन, आवृत्ति, नॉइज़, शक्ति, उपलब्धता और ट्रैकिंग पर निर्भर है। सभी स्टेशनों के लिए एक व्यास नहीं है। उसी उपग्रह के लिए उपयोगकर्ता टर्मिनल, गेटवे और नियंत्रण स्टेशन की जरूरतें अलग हो सकती हैं।
कौन सा आकार बताया गया है
गोल रिफ्लेक्टर में आम तौर पर अपर्चर व्यास बताया जाता है। ऑफसेट मॉडल में निर्माता के परिभाषित आयाम और समतुल्य अपर्चर चाहिए। आयताकार पैनल की लंबाई-चौड़ाई और क्षेत्रफल होते हैं, वास्तविक गोल व्यास नहीं।
स्थापना में सपोर्ट, गति, RF उपकरण, रेडोम और पहुँच की जगह शामिल होती है। केवल रेडिएटिंग पैनल की मोटाई पूरे टर्मिनल की मोटाई नहीं है।
गेन से व्यास की गणना
गोल अपर्चर के लिए G ≈ η(πD/λ)²। G रैखिक गेन, η अपर्चर दक्षता, D व्यास और λ = c/f है। इसलिए D ≈ (λ/π)√(G/η)।
40 dBi का अर्थ G = 10,000 है। η = 0.60 मानने पर नीचे आदर्श उदाहरण मिलते हैं। ये उत्पाद माप या सेवा की गारंटी नहीं हैं।
| आवृत्ति | लगभग λ | 40 dBi के लिए D |
|---|---|---|
| 4 GHz | 74.95 mm | 3.08 m |
| 12 GHz | 24.98 mm | 1.03 m |
| 20 GHz | 14.99 mm | 0.62 m |
इन्हीं मान्यताओं में 12 GHz पर 1.8 m व्यास लगभग 44.9 dBi देता है, 40.3 dBi नहीं। अलग उत्पाद मान हो तो आवृत्ति, दक्षता, गेन की परिभाषा और शामिल हानि जाँचें।
आवृत्ति अकेले चयन नहीं करती
समान गेन और दक्षता में आवृत्ति दोगुनी करने से मॉडल का व्यास आधा होता है। वास्तविक सेवाओं में प्रसार, नॉइज़, कवरेज और उपलब्ध शक्ति भी बदलती हैं।
छोटी Ka एंटीना अपने आप C-बैंड से अधिक उपलब्धता नहीं देती। वर्षा और ज्यामिति लिंक बजट में चाहिए। केवल बैंड नाम के बजाय वास्तविक भेजने और पाने की आवृत्तियाँ लें।
G/T और EIRP
रिसेप्शन में G/T महत्वपूर्ण है: गेन और सिस्टम के समतुल्य नॉइज़ तापमान का अनुपात। केवल गेन से निकले व्यास में LNA से पहले की हानि, एंटीना नॉइज़ और रिसीवर पहले से शामिल नहीं होते।
ट्रांसमिशन में EIRP शक्ति, हानि और गेन पर निर्भर है। शक्ति बढ़ाना हमेशा बड़ी अपर्चर का विकल्प नहीं; पैटर्न, हस्तक्षेप और रैखिकता की सीमाएँ रहती हैं।
अपर्चर दक्षता और रेडिएशन दक्षता अलग हैं। 50% अपर्चर दक्षता का अर्थ आधी शक्ति का गर्मी बनना नहीं है।
बीम, सतह और ट्रैकिंग
तरंगदैर्घ्य के अनुपात में बड़ी अपर्चर आम तौर पर बीम संकीर्ण करती है। हवा सहित परिस्थितियों में पैटर्न और सपोर्ट स्थिरता देखें। पॉइंटिंग टॉलरेंस स्वीकार्य हानि से आती है, हर व्यास के लिए एक संख्या से नहीं।
सतह सटीकता और फीड स्थान परिणाम बदलते हैं। f/D और इल्यूमिनेशन साथ चुनें; 0.3–0.45 हर रिफ्लेक्टर के लिए अनिवार्य नहीं।
स्थिर GEO स्टेशन, चलते वाहन का स्थिरित टर्मिनल और LEO स्टेशन समान माउंट या ट्रैकिंग नहीं रखते। गति की जगह और नियंत्रण भी आकार निर्धारण का हिस्सा हैं।
रिफ्लेक्टर के अलावा विकल्प
अरे अपनी संरचना के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक बीम दिशा दे सकता है। आवश्यक कोण पर गेन और बिजली जाँचें। सपाट चेहरा 120° कवरेज या पूरे टर्मिनल की 5 cm से कम मोटाई सुनिश्चित नहीं करता।
हेलिक्स और पैच कुछ सेवाओं व कवरेज के लिए उपयोगी हैं। सभी टेलीमेट्री लिंक समान बैंड नहीं लेते। सामान्यतः VHF 30–300 MHz और UHF 300 MHz–3 GHz है।
प्रस्ताव के लिए डेटा
- सेवा, उपग्रह, साइट और आवश्यक सबसे कठिन ज्यामिति।
- दोनों दिशाओं की आवृत्ति और पोलराइजेशन।
- G/T, EIRP, पैटर्न और मार्जिन।
- उपलब्धता तथा मौसम।
- ट्रैकिंग, जगह और यांत्रिक सीमा।
- परीक्षण और आपूर्ति में शामिल भाग।
पैराबोलिक रिफ्लेक्टर के सिद्धांत और ESA की सैटेलाइट बैंड जानकारी गणना समझने में सहायक हैं। अंतिम व्यास सेवा बजट और उपकरण के सत्यापित डेटा से तय होता है।