रेडियो लिंक हस्तक्षेप, शोर, बाधाओं, प्रसार और उपकरण की खराबी से बिगड़ सकता है। ये एक ही घटना नहीं हैं। हस्तक्षेप में अवांछित संकेत जुड़ता है; दीवार या बारिश नया प्रेषक बनाए बिना वांछित संकेत को कमजोर कर सकती है।
समान या निकट चैनल के प्रेषक
सह-चैनल हस्तक्षेप उसी आवृत्ति संसाधन का उपयोग करता है। पास का चैनल भी रिसीवर की चयनशीलता, संकेत की शक्ति और संचालन के अनुसार प्रभाव डाल सकता है।
Wi-Fi और Bluetooth कुछ परिस्थितियों में 2.4 GHz क्षेत्र साझा करते हैं। परिणाम चैनल व्यस्तता, दूरी और सह-अस्तित्व व्यवस्था पर निर्भर है। स्पष्टता में हमेशा −30 dBm की कमी जैसी कोई सामान्य सीमा नहीं है।
dBm निरपेक्ष शक्ति है और dB अनुपात। −30 dBm कुछ रिसीवरों के लिए बहुत मजबूत संकेत हो सकता है, गुणवत्ता घटने की मात्रा नहीं। SINR, त्रुटियाँ और स्थिरता भी दर्ज करें।
विद्युत शोर और ओवरलोड
स्विचिंग पावर सप्लाई, मोटर और खराब संपर्क अवांछित उत्सर्जन पैदा कर सकते हैं। पास का शक्तिशाली प्रेषक ठीक उसी चैनल पर न होकर भी रिसीवर को ओवरलोड या कम संवेदनशील कर सकता है।
इंटरमॉड्यूलेशन के लिए गैररेखीय संपर्क या ओवरलोड परिपथ जैसा तंत्र चाहिए। आदर्श रैखिक माध्यम में दो तरंगों के मिलने से ही नई मिश्रण आवृत्तियाँ नहीं बनतीं।
इमारत, भूभाग और परावर्तन
दीवार, धातु और भूभाग परिरक्षण, अवशोषण, परावर्तन और विवर्तन कर सकते हैं। सामग्री, मोटाई, कोण और आवृत्ति के बिना सभी इमारतों के लिए एक हानि संख्या नहीं चुनें।
विभिन्न मार्गों के संकेत अलग फेज में मिलकर फेडिंग बना सकते हैं। स्थान बदलने पर परिणाम बदल सकता है, पर सुधार मापना चाहिए। स्थिर लिंक में फ़्रेस्नेल क्षेत्र और मार्ग की ज्यामिति भी देखें।
20 dB क्षीणन संदर्भ शक्ति का 1% छोड़ता है। इसका अर्थ नहीं कि हर दीवार 20 dB घटाती है या हर रिसीवर तुरंत लिंक खो देता है।
बारिश और वायुमंडल
Ku, Ka और अन्य माइक्रोवेव लिंक में बारिश महत्त्वपूर्ण हो सकती है। ITU-R P.838 विशिष्ट क्षीणन को γR = kRα से मॉडल करता है; R की इकाई mm/h है। गुणांक आवृत्ति और ध्रुवण जैसी स्थितियों पर निर्भर हैं।
dB/km से कुल हानि के लिए प्रभावी वर्षा-पथ और उपयुक्त प्रसार मॉडल चाहिए। हर Ku तूफान के लिए 10–15 dB तय नहीं हैं।
गैसीय अवशोषण अलग है। लगभग 22 GHz पर जलवाष्प और 60 GHz के आसपास ऑक्सीजन आवृत्ति-निर्भर प्रभावों के उदाहरण हैं, सभी रेडियो संकेतों की समान हानि नहीं।
सौर गतिविधि और आवृत्ति चयन
NOAA का अंतरिक्ष मौसम विवरण बताता है कि आयनमंडलीय परिवर्तन कुछ HF और उपग्रह नौवहन सेवाओं को प्रभावित कर सकते हैं। हर घरेलू Wi-Fi समस्या का कारण सौर गतिविधि नहीं होता।
समर्थित प्रणाली में आवृत्ति हॉपिंग कुछ संकीर्ण-बैंड हस्तक्षेप का प्रभाव बाँट सकती है। यह सभी चैनलों के हस्तक्षेप या रिसीवर संतृप्ति को अपने आप दूर नहीं करती।
आवृत्ति, बैंडविड्थ और मॉड्यूलेशन अलग हैं। VHF सामान्यतः 30–300 MHz और UHF 300 MHz–3 GHz हैं। 6 GHz से नीचे भी अवरोध और भीड़ हो सकती है।
समस्या दिखने से ही जानबूझकर जैमिंग का निष्कर्ष न निकालें। देखे गए संकेत और उपकरण की स्थिति से कारण सीमित करें।
जाँच का क्रम
- सेवा, बैंड, चैनल और खराबी का समय दर्ज करें।
- स्तर, गुणवत्ता और त्रुटियों की तुलना करें।
- स्थान और दिशा नियंत्रित ढंग से बदलें।
- केबल, बिजली, संपर्क और पानी की जाँच करें।
- संभव हो तो अपने अनावश्यक उपकरण थोड़ी देर बंद करके प्रभाव देखें।
- उचित यंत्र और सेटिंग से स्पेक्ट्रम या लॉग का विश्लेषण करें।
सभी स्थितियाँ एक साथ बदलने से कारण अलग करना कठिन होता है। केवल प्रेषण शक्ति बढ़ाने के बजाय पहचाने गए कारण के लिए परिवर्तन चुनें।
परिवर्तन के बाद पुष्टि
| संभावित कारण | जाँचने योग्य उपाय |
|---|---|
| चैनल व्यस्तता | समर्थित चैनल और भार योजना। |
| विद्युत उत्सर्जन | मरम्मत, फिल्टर और दूरी। |
| बाधा या बहुपथ | स्थान, दिशा और डाइवर्सिटी। |
| मौसम | लिंक मार्जिन और अनुकूलन। |
| RF खराबी | संपर्क, केबल और घटक। |
ITU-R P.838 और P.676 के मॉडल उपयोग करें और सुधार को त्रुटियों, गुणवत्ता तथा स्थिरता से सत्यापित करें।