क्वाड-रिज हॉर्न की बीमविड्थ आवृत्ति, ज्यामिति, सक्रिय पोर्ट और डायग्राम के कट से तय होती है। पूरे X-बैंड के लिए एक सार्वभौमिक 60–80° मान नहीं है। Quad-ridged का अर्थ चार रिज हैं, केवल चौकोर बॉक्स या चार स्वतंत्र बीम नहीं।
बीमविड्थ की परिभाषा
आम तौर पर HPBW मुख्य लोब की आधी शक्ति वाली चौड़ाई है: उन दो कोणों का अंतर जहाँ शक्ति अधिकतम से लगभग 3 dB कम हो।
यह पहले शून्यों के बीच की चौड़ाई से अलग है। असममित पैटर्न में पहले वास्तविक अधिकतम और मुख्य लोब की सीमाएँ खोजें; उन्हें यांत्रिक अक्ष के दोनों ओर समान न मानें।
फील्ड एम्प्लिट्यूड ग्राफ पर आधी शक्ति लगभग 0.707 एम्प्लिट्यूड होती है, 0.5 नहीं। फील्ड पर 20 log और शक्ति पर 10 log सही प्रयोग करने से वही −3 dB मिलता है।
चार रिज क्यों
रिज क्षेत्र वितरण और कटऑफ बदलकर ब्रॉडबैंड मैचिंग बनाने में मदद करते हैं। उचित फीड से दो ऑर्थोगोनल पोलराइजेशन संभव हैं।
चौड़ी मैचिंग बैंड का अर्थ हर आवृत्ति पर समान पैटर्न नहीं है। अपर्चर, लंबाई, गैप, ट्रांजिशन और रिज आकार साथ देखें।
आवृत्ति का प्रभाव
स्थिर अपर्चर में छोटी तरंगदैर्घ्य अक्सर संकीर्ण बीम देती है। उचित अपर्चर मॉडल में λ/D का पैमाना उपयोगी है, पर हर ब्रॉडबैंड हॉर्न का सटीक सूत्र नहीं।
बैंड में इल्यूमिनेशन, फेज और संभव मोड बदलते हैं। इसलिए चौड़ाई हमेशा एक ही दिशा में नहीं बदलती; कुछ आवृत्तियों पर अधिकतम विकृत या विभाजित हो सकता है।
सिर्फ संरचना के नाम से पूरे L-बैंड को 90–100° और Ku को 50–60° न दें। मॉडल की कर्व चाहिए।
दो पोर्ट और मापन तल
सक्रिय पोर्ट, पोलराइजेशन और निर्देशांक दिशा लिखें। दो रैखिक पोर्ट में E तथा H तल यांत्रिक बॉडी के सापेक्ष बदल सकते हैं।
दूसरे पोर्ट को विधि के अनुसार टर्मिनेट करें। सर्कुलर पोलराइजेशन के लिए उचित एम्प्लिट्यूड और फेज चाहिए, जैसे उपयुक्त हाइब्रिड से; दोनों इनपुट बस जोड़ देना पर्याप्त नहीं।
पोर्ट आइसोलेशन, बीमविड्थ और क्रॉस-पोलराइजेशन अलग परीक्षण हैं। एक अच्छा मान दूसरे का प्रमाण नहीं है।
डायग्राम पढ़ने का उदाहरण
किसी कट में अधिकतम 0° पर हो और −3 dB बिंदु −28° तथा +32° हों तो HPBW 60° है। यह गणना उदाहरण है, किसी उत्पाद का डेटा नहीं।
बहुत बड़ा कोणीय स्टेप सीमाओं का अनुमान बदल सकता है। आवृत्ति, नॉर्मलाइजेशन, स्टेप, इंटरपोलेशन और अनिश्चितता दर्ज करें। विभाजित बीम के अलग लोब को मनमाने ढंग से एक चौड़ाई न मानें।
मापन की तैयारी
परावर्तन, दूरी, रेफरेंस एंटीना और डायनेमिक रेंज नियंत्रित करें। विद्युत रूप से बड़ी अपर्चर के लिए R ≳ 2D²/λ एक सामान्य फार-फील्ड मानदंड है, पूरा टेस्ट स्थल सत्यापन नहीं।
नियर-फील्ड ट्रांसफॉर्म में प्रोब डेटा, स्कैन क्षेत्र और सही प्रोसेसिंग चाहिए। पोर्ट तुलना करते समय केबल और लोड की स्थिति बनाए रखें।
जरूरी क्षेत्र के लिए चयन
परीक्षण क्षेत्र में समानता और कवरेज महत्वपूर्ण हैं; संचार में उपयोगी दिशा, मार्जिन और हस्तक्षेप। संकीर्ण बीम हमेशा चौड़ी से बेहतर नहीं होती।
ETS-Lindgren 3164-05 का घोषित 2–18 GHz बैंड एक विशेष चार-रिज उत्पाद का उदाहरण है। पैटर्न की परिभाषाएँ पढ़ें और आपूर्तिकर्ता से आवश्यक आवृत्ति व पोलराइजेशन के कट माँगें।