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रेडियो तरंगों के 7 उपयोग: प्रसारण से GPS और MRI तक

रेडियो तरंगों के केवल सात निश्चित प्रकार नहीं हैं। यहाँ सात उपयोगों के माध्यम से आवृत्ति, उपकरण और कार्य का संबंध समझाया गया है। उपयोगों की यह सूची आवृत्ति बैंडों से अलग है और विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम के पाठ्यपुस्तक वाले सात वर्गों से भी अलग है।

तरंग, बैंड और उपयोग में अंतर

रेडियो तरंगें विद्युतचुंबकीय तरंगें हैं। व्यापक इंजीनियरिंग अर्थ में माइक्रोवेव भी इन्हीं का हिस्सा हैं। आवृत्ति हर्ट्ज़ में और शक्ति वाट में मापते हैं।

प्रचलित बैंड नामकरण में VHF 30–300 MHz, UHF 300 MHz–3 GHz और SHF 3–30 GHz हैं। केवल ELF से HF तक सात नाम लिखकर उन्हें सभी रेडियो बैंडों की पूरी सूची कहना गलत है।

निर्वात में c = 299,792,458 m/s और λ = c/f है। 100 MHz पर तरंगदैर्घ्य लगभग 3 m और 2.4 GHz पर लगभग 12.5 cm है। अधिक आवृत्ति का मतलब निर्वात में अधिक गति नहीं है।

1. रेडियो और टेलीविज़न प्रसारण

स्टेशन मॉड्यूलेशन द्वारा ध्वनि या चित्र की सूचना भेजते हैं। AM और FM मॉड्यूलेशन विधियाँ हैं, पूरे आवृत्ति स्पेक्ट्रम के नाम नहीं। प्रसारण में डिजिटल प्रणालियाँ भी उपयोग की जाती हैं।

लगभग 88–108 MHz का FM क्षेत्र कई स्थानों में उपयोग होता है, लेकिन वास्तविक आवंटन देश पर निर्भर है। प्राप्ति दूरी शक्ति, एंटीना, भूभाग और हस्तक्षेप पर निर्भर करती है; हमेशा 50–60 मील नहीं होती।

2. Wi-Fi और Bluetooth

दोनों उपकरणों के बीच डेटा के लिए रेडियो संकेत उपयोग करते हैं। Bluetooth 2.4 GHz क्षेत्र में काम करता है। Wi-Fi में मानक और स्थानीय नियमों के अनुसार कई बैंड उपलब्ध हो सकते हैं।

वाहक आवृत्ति और डेटा दर एक ही मात्रा नहीं हैं। 2.4 GHz अपने आप 2.4 Gbit/s नहीं देता। चैनल, संकेत गुणवत्ता, उपकरण और साझा संसाधन वास्तविक गति तय करते हैं।

3. माइक्रोवेव द्वारा भोजन गर्म करना

कई घरेलू ओवन लगभग 2.45 GHz पर काम करते हैं। हानि वाले पदार्थ ऊर्जा सोखते हैं और गर्म होते हैं। पानी, नमक, तापमान और भोजन की संरचना अवशोषण को प्रभावित करते हैं।

2.45 GHz पानी की एकमात्र अनुनाद आवृत्ति नहीं है। कम-शक्ति संचार उपकरण और ओवन का प्रभाव केवल नज़दीकी आवृत्तियों से समान नहीं हो जाता; शक्ति, समय और क्षेत्र भी आवश्यक हैं।

4. GPS और स्थान निर्धारण

उपग्रह समय और अन्य जानकारी वाले संकेत भेजते हैं। रिसीवर उनका उपयोग अपनी स्थिति और घड़ी की त्रुटि निकालने में करता है। सामान्य GPS रिसीवर उपग्रह को संकेत वापस भेजकर उससे अपनी स्थिति नहीं पूछता।

इमारतें, परावर्तन और आकाश की दृश्यता गुणवत्ता बदलते हैं। फोन में सहायक नेटवर्क जानकारी हो सकती है, लेकिन वह अतिरिक्त सहायता है, GPS रिसीवर के अनिवार्य वापस-प्रेषण का सिद्धांत नहीं।

5. रेडियो खगोल विज्ञान

रेडियो दूरबीनें अंतरिक्ष के प्राकृतिक स्रोतों से आने वाली ऊर्जा प्राप्त करती हैं। हर अवलोकन का मतलब संकेत भेजकर किसी वस्तु से उसका प्रतिध्वनि लौटना नहीं है।

एंटीना आकार, बैंडविड्थ, रिसीवर शोर और एकीकरण समय संवेदनशीलता को प्रभावित करते हैं। कई एंटीनों का संयोजन कुछ मापन सुधार सकता है, पर दूर स्थित स्रोत की शक्ति नहीं बढ़ाता।

6. MRI इमेजिंग

MRI चुंबकीय क्षेत्रों और रेडियो-आवृत्ति क्षेत्रों से प्रोटॉन से संबंधित प्रतिक्रिया को उत्तेजित और मापता है तथा उससे चित्र बनाता है। RF इस पूरी प्रणाली का एक हिस्सा है; साधारण प्रसारण रिसीवर से MRI नहीं बनता।

NIBIB के विवरण के अनुसार यह एक्स-रे इमेजिंग से अलग है। चित्र बनने का कारण भोजन की तरह पानी गर्म करना बताना भी गलत है।

7. रिमोट कंट्रोल

कुछ रिमोट RF द्वारा आदेश भेजते हैं, जबकि कई टीवी रिमोट अवरक्त प्रकाश उपयोग करते हैं। इसलिए हर रिमोट रेडियो तरंगों का उदाहरण नहीं है।

RF रिमोट में आवृत्ति, कोडिंग और रिसीवर का मेल आवश्यक है। दूरी बैटरी, एंटीना, बाधाओं और हस्तक्षेप से बदलती है; केवल उत्पाद के नाम से नहीं।

कौन-सी तरंग सबसे दूर जाती है

सभी प्रणालियों पर लागू एक दूरी-क्रम नहीं है। HF आयनमंडलीय मार्ग का उपयोग कर सकता है, जबकि माइक्रोवेव लिंक दिशात्मक एंटीना या उपग्रह उपयोग कर सकता है। शक्ति, संवेदनशीलता, मार्ग और अपेक्षित उपलब्धता साथ में जाँचें।

स्रोत: NASA का रेडियो तरंग परिचय, ITU-R V.431 का बैंड नामकरण और NIBIB का MRI विवरण। सात उदाहरण सामग्री को व्यवस्थित करते हैं, मानक आवृत्ति विभाजन नहीं बदलते।

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