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GPS एंटीना: स्पाइरल, हेलिक्स, पैच और RHCP का सही चयन

GPS एंटीना चुनते समय RHCP रिसेप्शन, आकाश कवरेज, संकेत बैंड और फेज केंद्र देखें। स्पाइरल एंटीना का 85% बाजार पर प्रभुत्व होने का सामान्य दावा प्रमाणित नहीं है। समतल स्पाइरल, त्रिविमीय हेलिक्स और पैच अलग संरचनाएँ हैं।

ध्रुवण और प्राप्ति दिशा

सीधे प्राप्त GPS संकेत सामान्यतः दाएँ वृत्तीय ध्रुवित होते हैं। एंटीना और दस्तावेज में प्रसार तथा देखने की दिशा की एक ही परिभाषा उपयोग करें, ताकि RHCP का अर्थ बदल न जाए।

आदर्श रैखिक एंटीना आदर्श वृत्तीय तरंग से उपलब्ध शक्ति का आधा ग्रहण करता है, लगभग 3 dB ध्रुवण हानि। वास्तविक अक्षीय अनुपात, दिशा और परावर्तन परिणाम बदलते हैं।

स्थिति निकालने के लिए अलग दिशाओं में कई उपग्रह चाहिए। केवल एक दिशा में ऊँचा गेन हमेशा सर्वोत्तम नहीं। जरूरी उन्नयन और अज़िमुथ पर प्रतिक्रिया देखें।

स्पाइरल और हेलिक्स में अंतर

समतल स्पाइरल के घुमावदार आर्म एक तल में होते हैं। कुछ ब्रॉडबैंड डिजाइनों में सक्रिय क्षेत्र आवृत्ति के साथ स्थान बदलता है। सीमित आकार और फीड वास्तविक बैंड को सीमित करते हैं।

हेलिक्स में चालक किसी बेलनाकार या शंक्वाकार अक्ष के चारों ओर त्रिविमीय रूप से घूमता है। अक्षीय तथा अन्य कार्य मोड और बहु-चालक रूप मौजूद हैं। तीन से पाँच चक्कर अपने आप GNSS पैटर्न और ध्रुवण तय नहीं करते।

किसी यांत्रिक थ्रेड का हेलिकल होना उसे GPS एंटीना नहीं बनाता। विद्युतचुंबकीय संरचना और उसका फीड साथ समझना जरूरी है।

पैच और अन्य GNSS संरचनाएँ

पैच कम ऊँचाई का रूप दे सकता है। वृत्तीय ध्रुवण के लिए मोड और फीड उसी अनुसार बनते हैं। ग्राउंड प्लेन, आवरण और स्थापना प्रतिक्रिया बदलते हैं।

सर्वेक्षण के उपकरणों में चोक-रिंग जैसी संरचनाएँ भी मिलती हैं। रेडोम एक कवर है; वह अंदर के रेडिएटर की स्वतंत्र श्रेणी नहीं बताता।

GPS बैंड

बैंड केंद्र आवृत्ति
L1 1575.42 MHz
L2 1227.60 MHz
L5 1176.45 MHz

एंटीना को केवल केंद्र बिंदु नहीं, आवश्यक संकेत स्पेक्ट्रम संभालना चाहिए। ब्रॉडबैंड एंटीना लगाने से असंगत रिसीवर अपने आप कई बैंड का नहीं हो जाता।

मल्टीबैंड का अर्थ पूरे 1–2 GHz अंतराल में एक समान गुण होना भी नहीं है। हर आवश्यक बैंड की अलग शर्तें देखें।

अक्षीय अनुपात और बहुपथ

अक्षीय अनुपात क्षेत्र-दीर्घवृत्त की बड़ी और छोटी धुरी का अनुपात है। आदर्श वृत्तीय ध्रुवण में यह 1 या 0 dB है। शिखर दिशा का अच्छा मान हर उन्नयन पर वही मान नहीं सिद्ध करता।

परावर्तन ध्रुवण बदल सकता है, लेकिन हर स्थिति में पूरी तरह विपरीत वृत्तीय तरंग नहीं बनाता। सामग्री, आपतन कोण, कई परावर्तन और एंटीना की क्रॉस-पोलर प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण हैं।

इसलिए वृत्तीय ध्रुवण से सभी बहुपथ त्रुटियों का निश्चित 60% दमन नहीं निकलता। पैटर्न, स्थापना और प्रसंस्करण का संयुक्त मूल्यांकन करें।

LNA और फेज केंद्र

उपयुक्त LNA बाद की हानियों का प्रभाव कम कर सकता है। गेन, नॉइज़, फिल्टर, रैखिकता और बिजली आपूर्ति रिसीवर से मेल खाएँ। LNA का dB गेन रेडिएटर के dBi गेन के बराबर मात्रा नहीं है।

सटीक स्थिति-निर्धारण में विद्युत फेज केंद्र की स्थिति और बदलाव का डेटा जरूरी हो सकता है। दिशा, आवृत्ति, रेडोम और माउंट कैलिब्रेशन को प्रभावित करते हैं। छोटा अक्षीय अनुपात अकेला निश्चित स्थान-सटीकता नहीं बताता।

स्थापित प्रणाली की तुलना

ग्राउंड प्लेन, आवरण, केबल और पास की धातु शामिल करें। एक ही रिसीवर से दर्ज परिस्थितियों में C/N0, ट्रैकिंग, अवलोकन और स्थिति परिणाम तुलना करें। समय और उपग्रह ज्यामिति बदलने का प्रभाव भी देखें।

संदर्भ: ESA Navipedia के GNSS एंटीना और GPS संकेत योजना। संरचना के उदाहरण वर्तमान बाजार हिस्सेदारी का प्रमाण नहीं हैं।

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