माइक्रोवेव रेडियो तरंगों का ही एक भाग हैं। संचार में अक्सर माइक्रोवेव लिंक की तुलना कम आवृत्ति वाले रेडियो लिंक से की जाती है। उपयोगी अंतर प्रसार, एंटीना और संचार संसाधनों में हैं, न कि दो अलग प्रकार की भौतिक तरंगों में।
पहले शब्दों का अर्थ तय करें
माइक्रोवेव की सीमा परंपरा पर निर्भर है। लगभग 300 MHz–300 GHz या निचली सीमा 1 GHz जैसे उपयोग सामान्य हैं। सभी रेडियो तरंगों को 300 MHz पर समाप्त मानना माइक्रोवेव को गलत ढंग से उनके परिवार से बाहर करता है।
शॉर्टवेव सामान्यतः HF, 3–30 MHz को कहते हैं। इसका अर्थ हर छोटी तरंगदैर्घ्य वाली तरंग नहीं है; 10 GHz लिंक को HF नहीं कहा जाता।
वाहक आवृत्ति, बैंडविड्थ और डेटा दर अलग हैं। 10 GHz वाहक अपने आप 10 Gbit/s नहीं देता। Hz आवृत्ति या आवृत्ति-अंतर है और bit/s सूचना प्रवाह।
1. प्रसार और बाधाएँ
निर्वात में दोनों की गति c = 299,792,458 m/s है। λ = c/f के अनुसार 100 MHz पर तरंगदैर्घ्य लगभग 3 m और 10 GHz पर 3 cm है।
कई स्थलीय माइक्रोवेव लिंक में दृश्य मार्ग और फ़्रेस्नेल क्षेत्र का उचित खाली रहना जरूरी है। विवर्तन, परावर्तन और सामग्री से गुजरना उसकी ज्यामिति और विद्युत गुणों पर निर्भर हैं। कम आवृत्ति हर दीवार को पार नहीं कर सकती।
धातु दोनों को परावर्तित कर सकती है। λ के सापेक्ष आकार, खुरदरापन और दिशा परिणाम बदलते हैं। परावर्तन उपयोगी वैकल्पिक मार्ग भी बना सकता है और बहुपथ फेडिंग भी।
बारिश और गैसों का प्रभाव आवृत्ति के अनुसार बदलता है। 60 GHz के आसपास ऑक्सीजन अवशोषण सभी माइक्रोवेव का प्रतिनिधित्व नहीं करता। कुछ HF लिंक बदलती आयनमंडलीय परिस्थितियों का उपयोग करते हैं।
2. एंटीना और भौतिक अपर्चर
समान भौतिक अपर्चर और दक्षता में छोटी तरंगदैर्घ्य अधिक दिशिकता दे सकती है। इससे परावर्तक या पैनल उपयोगी आकार में संकीर्ण बीम बना सकता है।
फिर भी माइक्रोवेव पर सर्वदिशी एंटीना और कम आवृत्तियों पर दिशिक Yagi उपलब्ध हैं। रेडियो का अर्थ अनिवार्यतः सर्वदिशी और माइक्रोवेव का अर्थ अनिवार्यतः डिश नहीं है।
मुक्त अंतरिक्ष के दूर क्षेत्र में LFS = 20 log10(4πr/λ)। 10 km पर यह पद 900 MHz के लिए लगभग 111.5 dB और 28 GHz के लिए 141.4 dB है। ये क्रमशः 20 और 80 dB नहीं हैं।
ये पथ हानियाँ हैं, अंतिम प्राप्त शक्ति नहीं। स्थिर एंटीना गेन पर पद आवृत्ति के साथ बढ़ता है; स्थिर भौतिक अपर्चर पर गेन भी बदलते हैं। दोनों तुलना-स्थितियाँ अलग रखें।
3. चैनल और क्षमता
कुछ माइक्रोवेव बैंड में चौड़े चैनल उपलब्ध होते हैं। उपयोग प्रणाली और स्थानीय आवृत्ति योजना पर निर्भर है। मॉड्यूलेशन, कोडिंग, शोर, हस्तक्षेप और पुनः उपयोग क्षमता को प्रभावित करते हैं।
एनालॉग और डिजिटल संकेत अलग-अलग बैंडों में हो सकते हैं। कम आवृत्ति केवल AM/FM प्रसारण तक सीमित नहीं और ऊँची आवृत्ति 10 Gbit/s की गारंटी नहीं।
निर्धारित उपयोग में वास्तविक डेटा दर, त्रुटियाँ और उपलब्धता मापें। अच्छा RF स्तर होने पर भी भीड़, पुनः प्रेषण और प्रोटोकॉल सेवा सीमित कर सकते हैं।
संकेत, रेडियो और लिंक
संकेत विद्युतचुंबकीय परिवर्तन है; प्रेषक उसे उत्पन्न कर एंटीना को देता है। रेडियो शब्द प्रसारण माध्यम या उपकरण भी दर्शा सकता है। लिंक में दोनों सिरे, मार्ग और प्रसंस्करण आते हैं।
स्थलीय और उपग्रह दोनों लिंक माइक्रोवेव उपयोग कर सकते हैं। विलंब का अंतर मार्ग और नेटवर्क से आता है, निर्वात में माइक्रोवेव की धीमी गति से नहीं।
चयन के लिए आवश्यक जानकारी
| विषय | जाँच |
|---|---|
| मार्ग | दूरी, बाधाएँ और खाली क्षेत्र। |
| सेवा | उपलब्ध चैनल और अनुकूलता। |
| ट्रैफिक | वास्तविक दर, विलंब और उपलब्धता। |
| एंटीना | गेन, पैटर्न और दिशा। |
| वातावरण | बारिश, गैस, शोर और हस्तक्षेप। |
NASA के रेडियो और माइक्रोवेव विवरण स्पेक्ट्रम समझाते हैं। Friis समीकरण विशिष्ट लिंक का बजट बनाने में सहायक है।