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कस्टम एंटीना डिजाइन: बैंड, एकीकरण और माप के 3 कारक

कस्टम एंटीना डिजाइन में बैंड और कवरेज, यांत्रिक एकीकरण तथा मापने योग्य स्वीकृति साथ तय होते हैं। केवल ट्रेस की लंबाई कॉपी करना पर्याप्त नहीं। सब्सट्रेट, ग्राउंड और केस मिलकर काम करते हैं; दूसरे उत्पाद में वही आकार लगाने से परिस्थितियाँ बदलती हैं।

1. आवृत्ति और कवरेज तय करें

सभी चैनल, सिग्नल बैंडविड्थ, पोलराइजेशन और दूसरे सिरे की स्थितियाँ लिखें। स्थिर दिशा में गेन देना और चारों ओर चलते उपकरणों को सेवा देना अलग लक्ष्य हैं।

2.4 GHz पर मुक्त-अंतरिक्ष तरंगदैर्घ्य करीब 125 mm और चौथाई लगभग 31.2 mm है। यह साधारण मोनोपोल का आरंभिक अनुमान हो सकता है, हर Wi-Fi एंटीना का अनिवार्य आकार नहीं।

हाफ-वेव डाइपोल की कुल विद्युत लंबाई λ/2 से संबंधित है, पूरे डाइपोल के लिए λ/4 से नहीं। व्यास, फीड और आसपास का वातावरण अंतिम आकार बदलते हैं। 6 dBi गेन से कवरेज हमेशा 40% नहीं बढ़ती।

2.4 GHz माइक्रोस्ट्रिप पैच

पैच की रेजोनेंट लंबाई सामान्यतः प्रभावी डाइइलेक्ट्रिक माध्यम की लगभग आधी तरंग से संबंधित होती है। फ्रिंजिंग, चौड़ाई, सब्सट्रेट मोटाई और फीड के प्रभाव शामिल करने पड़ते हैं; मुक्त-अंतरिक्ष का 31 mm मान सीधे पैच का अंतिम आयाम नहीं है।

वास्तविक लैमिनेट के आवृत्ति-संबंधित गुण लें। FR4 एक अपरिवर्तनीय परमिटिविटी या लॉस वाला एकल पदार्थ नहीं है। पहले ज्यामिति का अनुमान, फिर पूर्ण संरचना का सिमुलेशन और माप करें।

कॉम्पैक्ट आकृतियों के समझौते

मीएंडर और फ्रैक्टल जैसी आकृतियाँ करंट पथ और रेजोनेंस बदल सकती हैं। नाम मात्र से चौड़ा बैंड और उच्च दक्षता एक साथ सुनिश्चित नहीं होते। ग्राउंड, फीड और जरूरी खाली स्थान को कुल जगह में गिनें।

फोल्डेड डाइपोल के समानांतर तार सिरों पर जुड़े होते हैं। करीबी समान तारों की आदर्श स्थिति में इनपुट प्रतिरोध संबंधित साधारण डाइपोल का लगभग चार गुना हो सकता है, लेकिन हमेशा ठीक 300 Ω नहीं। कोई भी मुड़ा हुआ तार अपने आप वही संरचना नहीं है।

2. सामग्री और यांत्रिक व्यवस्था

निर्माण योग्य मोटाई, डाइइलेक्ट्रिक, धातु और लेयर संरचना तय करें। बैटरी, डिस्प्ले, कनेक्टर और पास की धातु मॉडल में रखें। बाद में ग्राउंड या केस बदलने से रेजोनेंस और पैटर्न बदल सकते हैं।

धातु-लेपित त्रिआयामी भागों में रेजिन, कोटिंग, जोड़ और टॉलरेंस का मूल्यांकन करें। एल्युमिनियम की जगह तांबा लगाने से अपने आप दक्षता 15% नहीं बढ़ती; ज्यामिति, संपर्क और आवृत्ति भी जरूरी हैं।

3. फीड और स्वीकार्य परिणाम

संदर्भ इम्पीडेंस, फीड बिंदु और मैचिंग नेटवर्क परिभाषित करें। प्रतिरोध ऊर्जा को गर्मी में बदलकर S11 बेहतर दिखा सकता है, इसलिए अच्छा मैच अकेले अच्छा रेडिएशन नहीं है।

  • बैंड और मैचिंग: संदर्भ तल, चैनल और केस।
  • गेन और पैटर्न: दिशा, पोलराइजेशन और स्थिति।
  • दक्षता: रेडिएशन या मिसमैच सहित कुल दक्षता।
  • MIMO: पोर्ट, परस्पर कपलिंग और सिस्टम परीक्षण।
  • उत्पादन: सामग्री और आयाम का अंतर।

मॉडल से प्रोटोटाइप

  1. उद्देश्य और स्थान के अनुसार संरचनाएँ चुनें।
  2. रेडिएटर, फीड और प्रमुख आसपास के भाग मॉडल करें।
  3. मेश, सीमाएँ और टॉलरेंस संवेदनशीलता जाँचें।
  4. कैलिब्रेटेड VNA से ट्यून करने योग्य नमूने मापें।
  5. अंतिम केस में कई नमूनों का रेडिएशन और दक्षता मापें।

सिमुलेशन और माप में संदर्भ तल, सामग्री और केबल स्थिति समान करें। VNA ट्यूनिंग से दक्षता हमेशा 25% नहीं बढ़ती; अच्छा दिखने वाला मेश भी कन्वर्जेंस का प्रमाण नहीं है।

परिवर्तनों का रिकॉर्ड

बोर्ड संस्करण, कंपोनेंट मान, सामग्री और परिस्थितियाँ रखें। लेयर, भाग या केस बदलने पर दोबारा परीक्षण जरूरी हो सकता है। डिजाइन के लिए RF लक्ष्य, ड्रॉइंग, उपयोग की स्थितियाँ, फीड और परीक्षण दें।

पैच एंटीना, फोल्डेड डाइपोल और दक्षता के सिद्धांत मानदंड तय करने में मदद करते हैं। अंतिम उत्पादन आकार पूरे डिजाइन और उसके परिणाम से तय होता है।

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