कन्फॉर्मल एंटीना वाहन की सतह की आकृति का अनुसरण करता है या उसमें एकीकृत होता है। विमान में इससे बाहर निकले हिस्से कम हो सकते हैं और घुमावदार सतह का उपयोग संभव होता है। यह तरीका हर विमान में 5% कम ड्रैग या निश्चित वजन बचत की गारंटी नहीं देता।
कन्फॉर्मल और ब्लेड एंटीना अलग विशेषताएँ हैं
ब्लेड एंटीना का आकार पतला और बाहर निकला होता है। कन्फॉर्मल का अर्थ वाहक की बाहरी आकृति के अनुकूल होना है। इनमें से कोई नाम अकेले आवृत्ति, गेन या रेडियो प्रोटोकॉल तय नहीं करता।
घुमावदार ऐरे में प्रत्येक तत्व का स्थान और दिशा शामिल करनी पड़ती है। समतल ऐरे को मोड़ देने से उसका पुराना विकिरण पैटर्न अपने आप सुरक्षित नहीं रहता।
1. बाहर निकले भागों को कम करना
सतह के करीब व्यवस्था, बाहर निकली संरचना की तुलना में वायुगतिकीय प्रभाव कम कर सकती है। परिणाम स्थान, आवरण, गति और विमान के आकार पर निर्भर है।
कम उभार का अर्थ कुल ड्रैग या ईंधन खपत में उतने ही प्रतिशत की कमी नहीं है। तुलना के लिए संगत गणना, परीक्षण और स्थापना शर्तें चाहिए।
2. उपलब्ध सतह का उपयोग
धड़ या पंख का उपयुक्त भाग एंटीना अपर्चर को समाहित कर सकता है और अलग बाहरी ब्रैकेट की जरूरत घटा सकता है। इससे कुछ स्थान-संबंधी समस्याएँ हल हो सकती हैं।
आवरण, जोड़ और सुदृढीकरण विद्युत क्षेत्र तथा संरचना को प्रभावित करते हैं। विद्युत-चालक कंपोजिट अपने आप RF-पारदर्शी नहीं होता।
सतह की आकृति अपनाने से किसी भी स्थान पर लगाना उचित नहीं हो जाता। केबल, संरचना, रखरखाव और पड़ोसी प्रणालियाँ भी डिजाइन का भाग हैं।
3. अलग दिशाओं से कवरेज बनाना
घुमावदार सतह पर तत्व अलग दिशाओं में होते हैं और उनकी प्रतिक्रियाएँ जोड़ी जा सकती हैं। स्थानीय पोलराइजेशन, पैटर्न और धड़ से होने वाला अवरोध भी बदलता है।
इससे हर दिशा में एक साथ समान उच्च गेन का वादा नहीं किया जा सकता। आवश्यक उड़ान स्थितियों, आवृत्तियों और कोणों में स्विचिंग या स्कैन सहित जाँच करें।
मुख्य दिशा, बीम की चौड़ाई और दिशा त्रुटि अलग गुण हैं। पूरी वास्तुकला के लिए एक सटीकता संख्या इन सबको नहीं बताती।
4. सामग्री और वाहक को साथ डिजाइन करना
रेडिएटर, सब्सट्रेट और माउंट का एकीकरण वजन और उसके वितरण के लिए उपयोगी हो सकता है। NASA का सार्वजनिक रिकॉर्ड AFRC2019-0102-06 एक T-34C विमान के दरवाजे पर पतले, लचीले एयरोजेल सब्सट्रेट वाले कन्फॉर्मल एंटीना का शोध उदाहरण दिखाता है।
यह एक विशिष्ट उदाहरण है, हर विमान में समान बचत का प्रमाण नहीं। तुलना की सामग्री, स्थिति और परिस्थितियाँ संबंधित विन्यास से मेल खानी चाहिए।
एकीकरण के अतिरिक्त काम
| क्षेत्र | जाँच |
|---|---|
| वक्रता | निर्देशांक, दिशा और कपलिंग। |
| RF फीड | लंबाई, फेज, हानि और कैलिब्रेशन। |
| आवरण | बारिश, तापमान और उम्र बढ़ने का असर। |
| संरचना | भार, कंपन और पहुँच। |
| रखरखाव | बदलाव, मरम्मत और दोबारा कैलिब्रेशन। |
गहरा एकीकरण भाग बदलना या आवरण की मरम्मत कठिन भी बना सकता है। रखरखाव आधा होना जरूरी नहीं; −50 से +70 °C भी सभी उत्पादों की साझा गारंटी नहीं है।
कार्य और उड़ान परीक्षण का अर्थ
VOR रिसेप्शन और S-बैंड रडार अलग कार्य तथा आवृत्तियाँ इस्तेमाल करते हैं। कन्फॉर्मल आकार से एक एंटीना इन सेवाओं के बीच स्वतः अदल-बदल योग्य नहीं होता।
विमान, स्थापना स्थान, संस्करण, स्थितियाँ और परीक्षण का दायरा पहचानें। दूसरे प्लेटफॉर्म पर उड़ाया गया शोध नमूना किसी नई स्थापना को अपने आप प्रमाणित नहीं करता।
VSWR 1.5 से ऊपर होना हर विमान के संचालन को रोकने का सार्वभौमिक आधार नहीं है। इसी तरह हर अतिरिक्त dB गेन से वजन दोगुना नहीं होता। आवश्यकताएँ वास्तविक प्रणाली से आती हैं।
चयन के लिए डेटा
सतह, आवृत्तियाँ, पोलराइजेशन, जरूरी दिशाओं में गेन, भेजने और प्राप्त करने के तरीके, वजन तथा बिजली की जरूरत तय करें। अकेले एंटीना के साथ-साथ विमान पर लगा पैटर्न और पारस्परिक प्रभाव जाँचें।
NASA का शोध रिकॉर्ड और कन्फॉर्मल एंटीना का परिचय अवधारणा तथा उदाहरण समझाते हैं, सार्वभौमिक ईंधन बचत नहीं।