एंटीना रेंज का परीक्षण तय काम करने के मानदंड वाले पूरे लिंक पर होता है। यह एंटीना की अकेली निश्चित दूरी नहीं है। रेडियो, आवृत्ति, शक्ति, ऊँचाई और वातावरण दर्ज करें; स्वीकार्य त्रुटियाँ, स्थिरता या उपयोगी दर निर्धारित करें।
1. परीक्षण का परिणाम तय करें
दूरी, पैटर्न और ऑपरेटिंग बैंड अलग गुण हैं। यहाँ उपयोगी संचार दूरी जाँची जाती है। आवृत्ति बैंड के लिए आवृत्ति के साथ अलग माप चाहिए।
RSSI उपकरण के अनुसार स्तर बताता है; वह अकेला उपयोगी सेवा साबित नहीं करता। अवधि, ट्रैफिक और स्वीकार्य सीमाएँ लिखें।
dBm, 1 mW के सापेक्ष शक्ति है। 20 dBm = 100 mW, मीटर में दूरी नहीं। 5 dBi एंटीना गेन है और हर रिसीवर का एक ही न्यूनतम dBm स्तर नहीं होता।
2. विन्यास स्थिर रखें
- रेडियो: मॉडल, बैंड, चैनल, चौड़ाई और शक्ति।
- एंटीना: मॉडल, दिशा, पोलराइजेशन और पोर्ट।
- लाइन: केबल, लंबाई और हानि।
- ज्यामिति: निर्देशांक, ऊँचाई और अवरोध।
- विधि: समय, अवधि और मानदंड।
एंटीना बदलने पर विकिरित शक्ति के बदलाव भी दर्ज करें। एक विन्यास अधिक शक्ति भेजे तो तुलना केवल एंटीना गुण को अलग नहीं करती।
3. प्रतिनिधि रास्ता चुनें
खुला मैदान कार्यालय जैसा वातावरण नहीं है। वास्तविक उपयोग की जगहें लें और स्थिर सेवा की सीमा के पास अधिक नजदीकी मापन बिंदु रखें। 1 km के कदम हर प्रणाली के लिए उचित नहीं हैं।
दृष्टि साफ होने से फ्रेस्नेल क्षेत्र पूरा खाली नहीं हो जाता। r = √[λd1d2/(d1+d2)] के अनुसार 1 km और 2.4 GHz पर बीच में पहली ज़ोन की त्रिज्या लगभग 5.6 m है।
इसलिए जमीन से 1 m ऊँचाई हर बार साफ रास्ता नहीं देती। भूभाग और जमीन के परावर्तन भी देखें।
4. स्तर, गुणवत्ता और सेवा मापें
Wi-Fi में RSSI, उपलब्ध भौतिक मोड, उपयोगी गति, देरी और पैकेट हानि रिकॉर्ड करें। स्थानीय नेटवर्क परीक्षण को इंटरनेट सर्वर वाले परीक्षण से अलग करें।
जनरेटर और स्पेक्ट्रम एनालाइज़र शक्ति या ट्रांसमिशन मापते हैं; वे पैकेट परीक्षण नहीं हैं। कैलिब्रेशन, इनपुट हानि और डायनेमिक रेंज जाँचें। Resolution bandwidth केवल कैरियर 2.4 या 5 GHz होने से नहीं चुनी जाती।
डिजिटल टीवी में संबंधित चैनलों की गुणवत्ता और त्रुटियाँ देखें। स्तर स्थिर लेकिन गति समय के साथ बदले तो सर्वर और नेटवर्क लोड भी जाँचें।
5. दोनों दिशाओं में दोहराएँ
दोतरफा सेवा को वापसी लिंक चाहिए। फोन स्टेशन सुन सकता है लेकिन पर्याप्त मार्जिन के साथ जवाब न दे पाए। केवल सर्वश्रेष्ठ बिंदु नहीं, मापन श्रृंखला रखें।
बीच के स्थानों की विफलताएँ दर्ज करें। एक बहुत दूर मिला संकेत पूरी दूरी तक लगातार कवरेज साबित नहीं करता। प्रासंगिक लोड और स्थितियों में परीक्षण दोहराएँ।
लिंक बजट समझें
सरल रूप Pr = Pt + Gt + Gr − L है। शक्ति dBm, गेन dBi और हानि dB में संगत रखें। Realized gain में शामिल हानि फिर से न घटाएँ।
मुक्त स्थान में दूरी दुगुनी करने से लगभग 6 dB अतिरिक्त हानि होती है। Friis समीकरण की शर्तें हैं; उसे बिना समीक्षा कई परावर्तनों वाले कमरे में लागू न करें।
एनेकोइक चैम्बर कब उपयोगी है
गेन, पैटर्न और पोलराइजेशन के लिए नियंत्रित जगह, संदर्भ और ज्यामिति चाहिए। चैम्बर अपने निर्दिष्ट क्षेत्र में परावर्तन घटाता है, लेकिन हर सड़क की रेंज सीधे नहीं बताता।
रिपोर्ट में विन्यास, नक्शा, मानदंड, पुनरावृत्तियाँ और सीमाएँ रखें। इससे एंटीना, केबल, इंटरफेरेंस और नेटवर्क के प्रभाव अलग करने में मदद मिलती है।